Type of ROM memory and difference between PROM, EPROM, EEPROM

Difference between different Type of ROM

ROM की full form Read only memory होती है ऐवम ये वो memory chip होती है जिसको केवल read किया जा सकता है and कोई भी प्रकार का कोई change possible नहीं होता है | ROM non-volatile होती है means इन पर store की गयी information power जाने पर भी save रहती है | ROM पर एक बार information store कर देने के बाद किसी भी प्रकार का change या delete possible नहीं होने की वजह से अलग अलग ROM create की गयी | There are five basic ROM types:

  1. ROM – Read Only Memory
  2. PROM – Programmable Read Only Memory
  3. EPROM – Erasable Programmable Read Only Memory
  4. EEPROM – Electrically Erasable Programmable Read Only Memory
  5. Flash EEPROM memory
type of ROM PROM

Type of ROM

ऊपर दी गयी सभी प्रकार की ROM मे कुछ न कुछ unique है लेकिन दो चीज सभी मे common है –

1. जो भी DATA एक बार chip मे store कर दिया जाता है वो non-volatile होती है mean power जाने पर भी Data save रहता है
2. Chip मे store किया गया Data या तो unchangeable होता है और उसमे कुछ भी change करने के लिए special operation चाहिए होता है |

PROM: Programmable Read Only Memory – 

PROM, ROM की जैसे ही होता है अंतर इतना सा है की इसको आप या consumer अपनी need के हिसाब से program कर सकते है | आप या manufacturer market से blank chip purchase कर सकते है ऐवम PROM programmer आपकी या company की जरुरत के according इसको program कर सकता है | लेकिन एक बार program करने के बाद इसको change नहीं किया जा सकता है | PROM को program (write data or program) करने के लिए user or manufacturer के पास special devices होती है | अगर program करते हुए किसी भी तरह की गलती हो जाती है तो उसको correct नहीं किया जा सकता और वो chip बेकार or unusable हो जाती है | PROM burning के लिये जो special device use होती है उसको PROM programmer or PROM burner कहते है |

PROM ऐवम ROM (read-only memory) के बिच difference ये है की PROM को blank memory, manufacture किया जाता है जबकि ROM को manufacturing process की समय पर ही program कर लिया जाता है | PROM की programming process को PROM burning कहते है | 

EPROM: Erasable Programmable Read Only Memory – 

EPROM (Erasable Programmable Read Only Memory) एक great invention था जिसने की hardware programmers को code मे change करने के लिए allow करना शुरू किया | इसी वजह से इस technology बहुत तेजी से प्रगति की ऐवम hardware makers मे बहुत popular हुई | EPROMS ने hardware programmer को ये छूट दी की वो अपना program, chip पर write कर सके ऐवम test भी कर सके | अगर testing मे किसी भी प्रकार की bug निकलती है तो bugs को correct करके वापस से modified version को load कर सकते है |

EPROM को rewrite or erase करने के लिए UV (ultraviolet) light use करते है |

EEPROM: Electrically Erasable Programmable Read Only Memory – 

EEPROM भी EPROM की तरह की काम करता है और इसको भी rewrite or erase किया जा सकता है लेकिन इसको rewrite करने के लिए UV light की जगह पर electricity use की जाती है | EPROM ऐवम EEPROM का ये difference सुनने मे तो बहुत छोटा सा लगता है लेकिन इसकी वजह से ही आज EEPROM बहुत popular और use मे आ रही है | Electrically chip को written करने का method, UV की तुलना मे easy है |